मंगलवार, 6 अप्रैल 2010

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा



एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा


कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा


वो किसी और दुनिया का किनारा होगा


काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को


मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा


किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं


कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा


देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,


दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा


और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,


शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा


कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे


शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा


अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,


किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा


ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम


ग़र ये खेल ही दोबारा होगा


जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल


पर उम्मीद है कि दूसरी ओर ज़िन्दगी का कोई और ही किनारा होगा

1 टिप्पणियाँ:

Blogger Ashutosh ने कहा…

bahut sundar rahna hai.
हिन्दीकुंज

7 अप्रैल 2010 को 12:04 am बजे  

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